गोरखपुर: अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह के मौके पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में मरीजों को जागरूक करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया. संस्थान की अधिशासी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता के कुशल नेतृत्व में स्त्री रोग ओपीडी के बाहर मरीज प्रतीक्षा हॉल में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. इस दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों को योग के शारीरिक और मानसिक फायदे बताए गए. महिलाओं के स्वास्थ्य और स्त्री रोगों में फायदेमंद योगासन का अभ्यास भी कराया गया.
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए योग जरूरी
फार्माकोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मौसुमी पाणिग्रही के स्वागत भाषण से इस सत्र की शुरुआत हुई. उन्होंने नियमित तौर पर योग करने से होने वाले शारीरिक और मानसिक फायदों पर विस्तार से प्रकाश डाला. डॉ. पाणिग्रही ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में योग बहुत ही अहम भूमिका निभाता है.
गोरखपुर न्यूज: मरीजों ने भी किया योगासन का अभ्यास
इसके बाद योगाचार्य श्री अरुण पाठक ने योग की शुरुआत करने वालों के लिए बेहद आसान और सुरक्षित आसनों के साथ प्राणायाम की तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया. उन्होंने विशेष रूप से उन योग मुद्राओं पर ज्यादा जोर दिया जो आम स्त्री रोग संबंधी समस्याओं और विकारों में काफी फायदेमंद होते हैं. इस कार्यक्रम में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कई मरीजों ने आगे आकर नर्सिंग ऑफिसर प्रियंका के साथ इन योगासनों का अभ्यास किया. प्रियंका ने प्रदर्शन के दौरान योगाचार्य की मदद की.
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टरों का अहम योगदान
इस खास मौके पर स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की फैकल्टी डॉ. विभा रानी पीपल, डॉ. ज्योति, डॉ. प्रियंका और डॉ. नेहा के साथ कई जूनियर रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और नर्सिंग ऑफिसर्स मौजूद रहे. इन सभी ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा सहयोग किया और मरीजों से सीधा संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया.
दिनचर्या में योग शामिल करने की अपील
इस जागरूकता कार्यक्रम का समापन स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. आराधना सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ. उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया.
