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Wednesday, July 1, 2026

आफत की उमस: गोरखपुर में बारिश के बाद बढ़ी चिपचिपाती गर्मी, लोग बेहाल



गोरखपुर: बुधवार सुबह से ही आम जनता को तीखी उमस और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई हल्की बारिश के बाद से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. बारिश के कारण हवा में नमी का स्तर अचानक बढ़ गया है, जिसने उमस को और अधिक प्रभावी बना दिया है. सुबह से ही सूरज की तपिश और हवा न चलने के कारण लोग चिपचिपाती गर्मी से बेहद परेशान हैं. स्थानीय नागरिकों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

गोरखपुर न्यूज: हल्की बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

गोरखपुर और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को गर्मी से तात्कालिक राहत तो दी, लेकिन अगले ही दिन यह राहत आफत में बदल गई. बुधवार की सुबह होते ही हवा में मौजूद भारी नमी ने उमस का रूप ले लिया. शहर में सुबह से ही हवा की रफ्तार पूरी तरह थमी हुई है, जिससे शरीर से निकलने वाला पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है. राहगीरों और कामकाजी लोगों के लिए घर से बाहर निकलकर अपने गंतव्य तक जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

चिपचिपाती गर्मी से जनजीवन प्रभावित

इस तीखी उमस वाली गर्मी का सीधा असर महानगर के जनजीवन और व्यावसायिक गतिविधियों पर देखने को मिल रहा है. बाजारों और सड़कों पर दोपहर होने से पहले ही सन्नाटा जैसा नजारा दिखने लगा है. लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही कड़क धूप और उमस के बीच घरों से बाहर निकल रहे हैं. उमस के कारण बिजली की मांग में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि लोग राहत पाने के लिए लगातार एसी और कूलरों का सहारा ले रहे हैं.

उमस और नमी का बढ़ता ग्राफ

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के सीजन में जब हल्की बारिश होने के बाद तेज धूप खिलती है, तो पर्यावरण में नमी का स्तर बहुत तेजी से ऊपर जाता है. यही वजह है कि मंगलवार की हल्की बूंदाबांदी के बाद बुधवार को तापमान भले ही बहुत ज्यादा रिकॉर्ड न किया गया हो, लेकिन हवा में घुली नमी के कारण महसूस होने वाली गर्मी (रियल फील) काफी अधिक है. उमस भरा यह मौसम बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी संवेदनशील माना जाता है.

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