गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में साहित्य और लोक कला के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष साहित्यिक समारोह का आयोजन होने जा रहा है। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में आगामी 29 जून (सोमवार) को नागरी लोक भाषा दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र की तमाम बड़ी साहित्यिक विभूतियों और प्रख्यात रचनाकारों का जमावड़ा लगेगा, जहाँ हिंदी और लोक भाषाओं के संवर्धन पर गंभीर मंथन किया जाएगा।
अपराह्न 2:30 बजे से शुरू होगा नागरी प्रचारिणी सभा का भव्य कार्यक्रम
संस्था की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशेष दिवस पर आयोजित होने वाला मुख्य समारोह सोमवार को अपराह्न (दोपहर बाद) 2:30 बजे से शुरू किया जाएगा। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस उत्सव के मुख्य अतिथि प्रख्यात कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार पं. भालचन्द्र त्रिपाठी होंगे, जो अपने विचारों से उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन करेंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पं. भूषण त्यागी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
प्रख्यात कवि बादशाह प्रेमी को मिलेगा 'नागरी मातृभाषा सम्मान'
इस वर्ष के नागरी लोक भाषा दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों का सम्मान समारोह होगा। इस बार प्रतिष्ठित 'नागरी मातृभाषा सम्मान' के लिए देश के प्रख्यात कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार बादशाह प्रेमी को चुना गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों द्वारा उन्हें इस गौरवशाली उपाधि और सम्मान से विधिवत नवाजा जाएगा, जो उनके लंबे साहित्यिक सफर को एक बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी और पदाधिकारियों ने की सहभागिता की अपील
इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए नागरी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी तथा संस्था के मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अखिलेश जायसवाल ने स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग, साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों, छात्रों एवं आमजन से इस समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की पुरजोर अपील की है ताकि लोक भाषा और नागरी लिपि के इस अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।