गोरखपुर: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें अपनी लंबित मांगों से अवगत कराया है। प्रांतीय और मंडलीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को अपनी 2 सूत्रीय मांगों से संबंधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले पर सकारात्मक रुख दिखाया और प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
योगेंद्र नाथ शुक्ल और राकेश त्रिपाठी ने किया प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपने पहुंचे इस शिक्षक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के प्रांतीय मंत्री योगेंद्र नाथ शुक्ल तथा मण्डलीय मंत्री राकेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। इन वरिष्ठ पदाधिकारियों की अगुवाई में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बातें रखीं। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संगठन की मजबूती और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की।
रिटायर्ड शिक्षकों के लिए मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मुख्य मांग
शिक्षक संघ द्वारा सौंपे गए इस 2 सूत्रीय ज्ञापन में अवकाश प्राप्त (रिटायर्ड) शिक्षक पेंशनरों के लिए 'निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा' प्रदान करने की बड़ी मांग शामिल है। इसके साथ ही, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले शिक्षकों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट देने का आग्रह भी किया गया है। इन दोनों ही मांगों को सेवानिवृत्त शिक्षकों के बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद जरूरी बताया गया है।
जनार्दन दीक्षित और पूर्व प्रधानाचार्य अखिलेश्वर मिश्र रहे मौके पर मौजूद
इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जनार्दन दीक्षित, पूर्व प्रधानाचार्य अखिलेश्वर मिश्र, राजकुमार लाल श्रीवास्तव तथा प्रखर शिक्षक नेता रमेश सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर उदारतापूर्वक विचार कर इन्हें अविलम्ब पूरा करने का अनुरोध किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि शासन स्तर पर इस संबंध में उचित विचार किया जा सकता है।