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Tuesday, August 11, 2026

शिकंजा: गोरखपुर में 10 करोड़ से अधिक की ठगी, पूर्व रेलवे स्टेशन अधीक्षक और बेटी पर चौथी प्राथमिकी दर्ज



गोरखपुर:  जिले में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सहजनवां रेलवे स्टेशन के पूर्व अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह, उसकी पीएचडी कर चुकी बेटी गरिमा, शिक्षक दामाद और अन्य गुर्गों के खिलाफ एम्स थाने में चौथी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के पास अब तक इस मामले में 10 पीड़ितों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें से चार मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि छह अन्य शिकायतों की जांच सीओ स्तर पर चल रही है। मुख्य आरोपी रेलवे अधिकारी की बेटी और पूर्व अधीक्षक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

93 लाख का लोन स्वीकृत कराकर ठगी का आरोप

मोहद्दीपुर निवासी स्टेशन अधीक्षक मोहन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि ध्रुव नारायण सिंह उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी गरिमा लोगों के लोन माफ करा देती है। इस पर उन्होंने अपने पुराने लोन के संबंध में गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि गरिमा ने अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर 93 लाख 20 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। इसके लिए उन्हें बैंक भी नहीं जाना पड़ा। गरिमा ने लोन की रकम में से आठ लाख रुपये छोड़कर बाकी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली और एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का भरोसा दिया था।

टालमटोल करने पर खुला गिरोह का राज

आरोपी गरिमा द्वारा एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 महीने बीतने के बाद भी एक भी किस्त जमा नहीं हुई। जब मोहन सिंह ने रकम के बारे में पूछताछ की, तो वह टालमटोल करने लगी। इसके बाद पीड़ित को इस बड़े फर्जीवाड़े और गिरोह के बारे में सच्चाई पता चली, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और अन्य पीड़ितों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस साम्राज्य का पूरा पर्दाफाश हो सके।

दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

इस सनसनीखेज मामले में पुलिस मुख्य आरोपी ध्रुव नारायण सिंह और उसकी बेटी गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, शिक्षक दामाद भानू प्रताप सिंह, विशाल यादव, चंद्र प्रकाश, राजेंद्र कुमार और दिनकर मणि त्रिपाठी समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एम्स थाने में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं, जबकि एक मामला सहजनवां थाने में दर्ज है। इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि अन्य छह शिकायतों की जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





दर्दनाक मौत: गीडा थाने के शौचालय में बेहोश होकर गिरा युवक, अस्पताल में तोड़ा दम


गोरखपुर: गीडा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। उस्का गांव निवासी 38 वर्षीय विश्वजीत थाने के शौचालय में अचानक बेहोश होकर गिर गया। पुलिसकर्मी उसे तुरंत सीएचसी पिपरौली ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, चार दिन पहले शराब पीने के दौरान चचेरे भाई से विवाद के बाद विश्वजीत की पिटाई की गई थी। इसी मामले की शिकायत लेकर वह रविवार को थाने पहुंचा था। पुलिस ने सोमवार को दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था। इसी दौरान थाने के शौचालय में यह घटना हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

चचेरे भाई के साथ हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, चार दिन पहले विश्वजीत अपने चचेरे भाई सचिन के साथ शराब पीने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सचिन ने विश्वजीत की पिटाई कर दी। इस घटना के बाद से ही विश्वजीत की तबीयत ठीक नहीं थी। रविवार को उसने गीडा थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की मौखिक जानकारी दी थी।

बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था

विश्वजीत की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सोमवार को विश्वजीत और उसके चचेरे भाई सचिन को थाने बुलाया था। थाने में दोनों से विवाद के संबंध में बातचीत चल रही थी। इसी बीच विश्वजीत ने पुलिसकर्मियों से शौचालय जाने की बात कही और वहां चला गया।

शौचालय में बेहोश पड़ा मिला

जब काफी देर तक विश्वजीत शौचालय से वापस नहीं आया, तो पुलिसकर्मियों ने वहां जाकर देखा। विश्वजीत वहां जमीन पर बेहोश पड़ा था। पुलिस उसे तत्काल सीएचसी पिपरौली लेकर पहुंची, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Sunday, July 5, 2026

गोरखपुर: ठगी करने वाले दो गैंगस्टरों पर एक्शन, लाखों के वाहन जब्त

गोरखपुर। संगठित अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में एम्स थाना पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के दो अलग-अलग आरोपियों की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में पुलिस ने जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गैंगस्टर पंकज जायसवाल का 3.45 लाख रुपये कीमत का एक चारपहिया वाहन जब्त किया है। वहीं, दूसरे मामले में जालसाजी के आरोपी गैंगस्टर मनोज का 42 हजार रुपये कीमत का दोपहिया वाहन सीज किया गया है। दोनों ही आरोपियों ने अपराध के जरिए धन अर्जित कर ये संपत्तियां बनाई थीं, जिन पर यूपी गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत एक्शन लिया गया है।

पंकज जायसवाल का चारपहिया वाहन जब्त

एम्स पुलिस के मुताबिक, एम्स थाना क्षेत्र के रुद्रापुर कुसम्ही बाजार निवासी ईश्वरचंद्र जायसवाल के बेटे पंकज जायसवाल पर जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है। उसके खिलाफ एम्स थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पंकज के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के कई गंभीर मामले पंजीकृत हैं। इन्हीं अपराधों से अर्जित की गई अवैध संपत्ति से उसने चारपहिया वाहन खरीदा था, जिसे पुलिस ने अब जब्त कर लिया है।

जालसाज मनोज का दोपहिया भी हुआ सीज

गैंगस्टर एक्ट की दूसरी कार्रवाई पिपराइच थाना क्षेत्र के रक्षवापार निवासी सुदर्शन के बेटे मनोज पर की गई है। एम्स थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मनोज के दोपहिया वाहन को सीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मनोज के खिलाफ एम्स और रामगढ़ताल थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। इसी काली कमाई के जरिए उसने अपना वाहन खरीदा था।

इस पुलिस टीम ने की जब्ती की कार्रवाई

जिलाधिकारी के आदेश पर दोनों गैंगस्टरों की संपत्ति जब्त करने वाली टीम का नेतृत्व एम्स थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार पांडेय ने किया। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उनके साथ उपनिरीक्षक हरिकिशोर मिश्रा, उपनिरीक्षक गौरव तिवारी और उपनिरीक्षक राजकुमार शामिल रहे। इसके अलावा कांस्टेबल सूरज सिंह, कांस्टेबल प्रीतम कुशवाहा और रिक्रूट कांस्टेबल ऋषभराज गुप्ता ने भी इस जब्ती की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की अवैध संपत्ति के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Friday, July 3, 2026

खुलासा: साइबर ठगी के पैसे से आभूषण खरीदने वाला आरोपी गिरफ्तार, शाहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गोरखपुर। साइबर अपराध से कमाई गई रकम का इस्तेमाल कर करीब 50 लाख रुपये के आभूषण खरीदने और ठगी करने के मामले में शाहपुर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान धीरज सिंह के रूप में हुई है, जो बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के उचका गाम का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी धीरज सिंह पुत्र हरकेश सिंह के खिलाफ थाना शाहपुर में मु0अ0सं0 287/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक आभूषण दुकान के मैनेजर ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई।

फर्जी खातों से किया गया लाखों का भुगतान

शाहपुर थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में आभूषण दुकान के मैनेजर ने बताया था कि एक व्यक्ति ने अलग-अलग तारीखों में उनकी दुकान से करीब 50 लाख रुपये के जेवरात खरीदे थे। इन जेवरातों की खरीद के लिए भुगतान नकद न करके विभिन्न फर्मों के नाम से चल रहे बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन किया गया था। दुकानदारों को शुरुआत में इस भुगतान पर कोई शक नहीं हुआ, लेकिन बाद में बैंक से आई एक ई-मेल ने सबके होश उड़ा दिए।

बैंक से मिली ई-मेल के बाद हुआ खुलासा

आभूषणों की खरीद के कुछ समय बाद संबंधित फर्म के बैंक खाते को होल्ड (फ्रीज) कर दिया गया। इसके बाद बैंक से एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें साफ तौर पर बताया गया कि जिस खाते से आभूषणों का भुगतान किया गया है, उसका इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन में हुआ है। साइबर अपराधियों ने ठगी के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए इस खाते का उपयोग किया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

वीडियो कॉल के जरिए जुड़ा था मुख्य आरोपी

पुलिस की विवेचना और जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दुकान में आभूषण खरीदने आया व्यक्ति लगातार वीडियो कॉल के माध्यम से धीरज सिंह के संपर्क में था। धीरज सिंह के निर्देशों पर ही जेवरातों का चयन और उनकी खरीदारी की जा रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि धीरज सिंह और उसके साथी ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर साइबर ठगी के पैसे से जेवरात खरीदे। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

बड़ी कामयाबी: दो पासपोर्ट बनवाने वाला 10 हजार का इनामी गिरफ्तार

गोरखपुर। खजनी थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी कर दो पासपोर्ट बनवाने वाले एक वांछित और 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुआं बुजुर्ग कमरदेवा ढकहा बाजार निवासी दिनेश यादव (पुत्र रामप्रीत यादव) के रूप में हुई है। आरोपी दिनेश के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 42/2025 के तहत धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादवि और 12 पासपोर्ट अधिनियम में केस दर्ज किया था। वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

जांच में सही पाई गई थी शिकायत

खजनी थाने के प्रभारी निरीक्षक जयन्त कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी दिनेश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी से दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने की शिकायत पुलिस को मिली थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की गहन जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान आरोप बिल्कुल सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

एसएसपी ने घोषित किया था इनाम

मुकदमा दर्ज होने के दौरान ही आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। पुलिस की टीमों ने उसे पकड़ने के लिए कई प्रयास किए और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। जब तमाम कोशिशों के बाद भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका, तब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने दिनेश यादव की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।

मुखबिर की सटीक सूचना पर हुई गिरफ्तारी

वांछित और इनामी अपराधी की सरगर्मी से तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर के जरिए उसके ठिकाने के बारे में अहम सूचना मिली। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाने पर तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) जितेन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल यशवन्त यादव और कांस्टेबल संदीप यादव की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय भेजा गया।

Tuesday, June 30, 2026

पति की प्रताड़ना: गोरखपुर की नवविवाहिता ने लगाया ससुरालियों पर दहेज और मारपीट का आरोप


गोरखपुर: कैंट थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नवविवाहिता ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, गंभीर मारपीट और हर महीने जबरन सैलरी छीनने का मुकदमा दर्ज कराया है. महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसका पति शराब के नशे में उसके साथ आए दिन मारपीट करने लगा और उसकी पूरी पगार अपनी मां को देने का दबाव बनाने लगा. विरोध करने पर उसे थप्पड़ मारकर सैलरी छीन ली जाती थी. इतना ही नहीं, ससुर द्वारा छेड़खानी और बैडटच का विरोध करने पर पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे लाठी-डंडों से इस कदर पीटा कि उसका पैर फ्रैक्चर हो गया. महिला ने एसएसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है, जिसके बाद कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

एसएससी से मुलाकात और गोरखपुर न्यूज की बड़ी कार्रवाई

पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई. महिला ने बताया कि उसका मायका गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में है. उसकी तहरीर के आधार पर एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कैंट पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गहन जांच करने का आदेश दिया है. इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि महिला से मिली तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

फिरोजाबाद के शिवम गुप्ता से हुई थी शादी

मिली जानकारी के अनुसार, महिला की शादी 01 फरवरी 2024 को फिरोजाबाद जनपद के लाइनपार थानांतर्गत सेक्टर 2, सुहागनगर निवासी शिवम गुप्ता के साथ हुई थी. शिवम नोएडा स्थित एक निजी कंपनी में सीनियर ह्यूमन रिसोर्स (HR) मैनेजर के पद पर कार्यरत है. पीड़िता भी पहले नोएडा की ही एक कंपनी में काम करती थी, जहां दोनों की मुलाकात हुई और बाद में उन्होंने शादी कर ली. लेकिन शादी के कुछ महीने बाद ही पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया.

सैलरी छीनने का विरोध करने पर थप्पड़ और प्रताड़ना

महिला के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ही उसका पति रोज शराब के नशे में घर आने लगा और घरेलू हिंसा शुरू कर दी. पति और सास द्वारा उस पर दबाव बनाया जाने लगा कि वह अपनी हर महीने की पूरी सैलरी अपनी सास को सौंप दे. जब महिला ने इस आर्थिक और मानसिक शोषण का विरोध किया, तो पति उसे थप्पड़ मारकर जबरन उसकी पगार छीन लेता था. आए दिन होने वाली इस प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर वह पति के साथ किराए का फ्लैट लेकर गुरुग्राम (गुड़गांव) में रहने लगी. हालांकि, वहां भी मकान का किराया, बिजली का बिल सहित अन्य घरेलू खर्चे महिला की ही पगार से दिए जाने लगे.

ससुर पर छेड़खानी का आरोप और पैर में फ्रैक्चर

पीड़िता ने अपने ससुर पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला के अनुसार, एक दिन वह अपने पति के साथ ससुराल गई थी. घर में अकेले पाकर उसके ससुर उसके कमरे में आ गए और उसके साथ छेड़खानी व बैडटच करने लगे. जब उसने इसका कड़ा विरोध किया, तो ससुर वहां से चले गए. बाद में जब अन्य परिजनों के आने पर महिला ने अपने पति और सास से ससुर की इस घिनौनी हरकत की शिकायत की, तो सबने ससुर का ही पक्ष लिया. इसके बाद पति, ससुर और सास ने मिलकर लाठी-डंडों से महिला को बर्बरतापूर्वक पीटा, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया. इस घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने मायके गोरखपुर आई और पुलिस की शरण ली.

Sunday, June 28, 2026

पिपराइच में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 10 वर्षीय बालक की मौत

गोरखपुर: पिपराइच कस्बे से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ शनिवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बाइक ने एक 10 वर्षीय मासूम बालक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई है और पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है।

सुग्रीम सैनी का इकलौता पुत्र था मृतक आयुष

मिली जानकारी के अनुसार, पिपराइच कस्बे के वार्ड नंबर-1 के निवासी सुग्रीम सैनी का 10 वर्षीय इकलौता पुत्र आयुष सैनी किसी आवश्यक कार्य से अपने घर से बाहर निकला था। वह अपना काम पूरा करने के बाद वापस अपने घर की ओर पैदल लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में तेज गति से आ रही एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही आयुष गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसने तुरंत दम तोड़ दिया।

इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हुए परिजन

हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहीं, घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर मिलते ही आयुष के परिजन बदहवास हालत में रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। इकलौते बेटे को लहूलुहान हालत में मृत देखकर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

इस दर्दनाक हादसे के बाद पिपराइच कस्बे के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस इलाके में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों का संचालन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन ऐसी भयानक दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। नाराज लोगों ने जिला प्रशासन से सड़क सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सख्त कदम उठाने और क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ तत्काल व प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

Monday, June 22, 2026

दहला परिवार: बांसगांव में नाबालिग ने की भाई-भाभी और भतीजे की हत्या: पुलिस ने बालअपचारी को लिया हिरासत में



गोरखपुर: जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नाबालिग ने घरेलू और पारिवारिक विवाद के चलते अपने ही भाई, भाभी और उनके मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है। इस जघन्य वारदात के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है।

विवाद में रची खौफनाक साजिश

पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालअपचारी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार में लंबे समय से घरेलू और पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते नाबालिग ने आवेश में आकर अपने ही सगे भाई, भाभी और भतीजे पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

गोरखपुर न्यूज: पुलिस की त्वरित कार्रवाई

गोरखपुर न्यूज के अंतर्गत मिल रही जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बांसगांव में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक बांसगांव के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल की गहनता से जांच की और साक्ष्यों का संकलन किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को भी बरामद कर लिया है, जो इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य है।

कानूनी प्रक्रिया जारी

घटना के बाद से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। बालअपचारी को हिरासत में लेने के बाद उसे विधिक प्रक्रिया के तहत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के अन्य कारणों का भी बारीकी से पता लगाया जा रहा है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

Tuesday, June 16, 2026

आतंकी कनेक्शन बता दो दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट

रिपोर्ट: Go Gorakhpur Bureau | प्रकाशक: लोड हो रहा है... | अपडेट: लोड हो रहा है...
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विस्तार:

बेलघाट थाना क्षेत्र के चौतरा तिवारी गांव निवासी शैलेंद्र कुमार तिवारी ने साइबर क्राइम थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनके पिता धनुषधारी तिवारी के मोबाइल पर 17 फरवरी 2026 को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर में बैंक खाता खोला गया है।


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