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Monday, July 6, 2026

डीडीयू: 13 जुलाई से शुरू होंगी विषम सेमेस्टर की कक्षाएं, निर्देश जारी

Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) और इससे संबद्ध सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नियमित और स्ववित्तपोषित स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के विषम सेमेस्टर (तृतीय, पंचम, सप्तम और नवम) की कक्षाएं 13 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, निदेशकों, संकायाध्यक्षों और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि छात्रों की पढ़ाई समय से शुरू हो और पूरे शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन किया जाए.

गोरखपुर न्यूज: 13 जुलाई से नियमित कक्षाएं चलाने का निर्देश

विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से जारी किए गए निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित तिथि यानी 13 जुलाई से सभी कक्षाओं का नियमित संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि विद्यार्थियों को समय से अध्ययन-अध्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए. इसके साथ ही, शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप ही पूरा शिक्षण कार्य संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को अपना कोर्स पूरा करने में परेशानी का सामना न करना पड़े.

समयबद्ध शिक्षण व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

कक्षाओं के संचालन को लेकर डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित और समयबद्ध शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी विभागों एवं महाविद्यालयों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे 13 जुलाई से ही नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करें. इससे विद्यार्थियों का नया शैक्षणिक सत्र बिना किसी विलंब के और सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा.

छात्रों से पहले दिन से कक्षाओं में उपस्थित रहने की अपील

कक्षाएं शुरू करने के निर्देशों के साथ ही कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों से भी एक खास अपील की है. उन्होंने छात्रों से कहा है कि वे पहले ही दिन से नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में उपस्थित रहें और अध्ययन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं. कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, समयबद्ध परीक्षा एवं परिणाम तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसी बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही पूरे शैक्षणिक कैलेंडर का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है.

Friday, July 3, 2026

डीडीयू: गोरखपुर विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन के बीच हुआ समझौता

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन के बीच छात्र-छात्राओं के शारीरिक प्रशिक्षण, खेल कौशल और मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के कक्ष में इस समझौते पर सहमति हस्ताक्षर किए गए। इस विशेष अवसर पर दोनों संस्थाओं के बीच खेल गतिविधियों के विकास, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, ताइक्वांडो प्रशिक्षण, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा के बाद छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न बिंदुओं पर आपसी सहयोग की सहमति बनी। इस समझौते के जरिए आने वाले समय में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को खेल और ताइक्वांडो के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण एमओयू कार्यक्रम में कुलपति के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े खेल विशेषज्ञ भी शामिल हुए। बैठक में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर पॉल वीलर (जर्मनी), मलेशियन ताइक्वांडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर नाजमी बिन (मलेशिया) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की मौजूदगी में छात्र-छात्राओं के खेल कौशल को वैश्विक स्तर पर निखारने को लेकर रणनीति बनाई गई।

इन पदाधिकारियों ने की विस्तृत चर्चा

खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर विमलेश मिश्र, क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉक्टर राजवीर सिंह और ए.आई.आई.टी.ए. के सचिव डॉक्टर संतोष कुमार यादव ने भी हिस्सा लिया। इन सभी पदाधिकारियों ने मिलकर छात्र-छात्राओं के शारीरिक प्रशिक्षण, मानसिक विकास और ताइक्वांडो खेल कौशल को विकसित करने के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम आदि आयोजित करने पर विस्तृत बातचीत की।

कुलपति और एसोसिएशन अध्यक्ष ने किए हस्ताक्षर

सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आपसी सहमति बनने के बाद समझौते पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस एमओयू पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने हस्ताक्षर किए। वहीं ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन की तरफ से एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय चहल ने हस्ताक्षर कर इस खेल साझेदारी को आधिकारिक रूप से अमलीजामा पहनाया।

डीडीयू: गोरखपुर विश्वविद्यालय ने जारी की अनंतिम श्रेष्ठता सूची, 7 जुलाई तक मांगी आपत्तियां

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने आगामी 45वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को तेज करते हुए स्नातक, स्नातकोत्तर और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की अनंतिम श्रेष्ठता सूची जारी कर दी है। इस सूची में प्रथम प्रयास में सर्वाधिक सीजीपीए या अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी इस प्रस्तावित सूची को विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों के मेधावी छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि यह सूची अभी अंतिम नहीं है। यदि किसी भी विद्यार्थी को अपने अंक, सीजीपीए, रैंक या अन्य किसी भी तथ्य को लेकर कोई आपत्ति या दावा पेश करना है, तो वह प्रमाण-पत्रों के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आपत्तियां स्वीकार करने की अंतिम समय सीमा 07 जुलाई, 2026 की शाम 5:00 बजे तक तय की गई है।

प्रशासनिक भवन में दर्ज करानी होगी आपत्ति

विद्यार्थियों को अपनी आपत्ति या दावा प्रशासनिक भवन स्थित अभिलेख कक्ष में स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय और तारीख के बाद मिलने वाली किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के विषयवार टॉपर्स की सूची भी सामने आ गई है। कला संकाय में बीए में मानसी भट्ट और बीएजेएमसी में कुमार सुधांशु सिंह ने पहला स्थान पाया है। वाणिज्य संकाय में बीकॉम में प्रियंका और बीबीए में श्रेया जायसवाल आगे रहीं, जबकि शिक्षा संकाय के बीएड में समरा फिरदौस ने बाजी मारी है। इंजीनियरिंग में बीटेक कंप्यूटर साइंस में शिवम सिंह और विधि संकाय के एलएलबी में कौशिकी शांडिल्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विज्ञान संकाय की बात करें तो बीएससी में निधि यादव और एमएससी गणित में सुनीधी पहले स्थान पर रही हैं। कृषि संकाय के बीएससी कृषि में सुहानी पाण्डेय ने टॉप किया है।

ये रहे विश्वविद्यालय के प्रमुख टॉपर्स

विश्वविद्यालय के प्रमुख टॉपर्स की बात करें तो संपूर्ण स्नातक कला संकाय में सरस्वती देवी महाविद्यालय, नंदापार की मानसी भट्ट ने 9.43 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। वहीं स्नातक (छात्र) वर्ग में द्रोपदी देवी विन्ध्याचल महाविद्यालय के हनुमान कुमार गोंड 9.12 सीजीपीए लेकर आगे रहे। स्नातक हिंदी विषय में अखिलभाग्य महाविद्यालय के रोशन गुप्ता ने 1700 में से 1529 अंक हासिल किए हैं। स्नातकोत्तर कला संकाय में विश्वविद्यालय परिसर की अन्नू निषाद (एमए संस्कृत) ने 8.96 सीजीपीए के साथ छात्राओं और पूरे संकाय में टॉप किया है। इसके अलावा सर्वोदय किसान महाविद्यालय, कौड़ीराम की मानवी सिंह ने एमए राजनीति विज्ञान में 8.17 सीजीपीए प्राप्त किया है।

विज्ञान संकाय में इन्होंने लहराया परचम

विज्ञान संकाय के स्नातक स्तर पर अखिलभाग्य महाविद्यालय, रनापार की निधि यादव ने 9.15 सीजीपीए लेकर टॉप किया है। स्नातक गणित विषय में सरस्वती देवी महाविद्यालय, खड्डा की साक्षी मिश्रा ने 1500 में से 1337 अंक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। वहीं स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर की सुनीधी (एमएससी गणित) ने 9.65 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च प्रदर्शन किया है। विश्वविद्यालय इस सूची पर मिलने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मेधा सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर दीक्षांत समारोह में पदक और उपाधियां दी जाएंगी।

Wednesday, July 1, 2026

गौरव का पल: डीडीयू को मिला 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' सम्मान, प्रो. विनय भी हुए सम्मानित

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय को 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड' की ओर से 'सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन' से नवाजा गया है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विनय कुमार सिंह को 'नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड' से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) के राष्ट्रव्यापी अभियान 'संवेदना-2' में बेहतरीन योगदान के लिए दिया गया है.

लखनऊ में सजे मंच पर मिला सम्मान

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'संवेदना-2' सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए रक्तवीरों, समाजसेवियों और संस्थाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया. इस खास मौके पर मानवता की सच्ची सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए बेहतरीन कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को 'नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड' और 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड' सम्मान प्रदान किए गए.

गोरखपुर न्यूज: 1,055 शिविरों में डीडीयू की सहभागिता

गौरतलब है कि 'संवेदना-2' अभियान के तहत पूरे देश भर में 1,055 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया था. इस महाभियान में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सक्रिय सहभागिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है. आपको बता दें कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान अमर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 94वें शहादत दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशप्रेम और समाज सेवा की भावना जगाना था.

कुलपति ने दी बधाई, कहा- यह सेवा भाव का प्रतीक

विश्वविद्यालय को मिली इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा, "यह सम्मान दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता और सेवा-भाव का प्रतीक है. रक्तदान जैसा महादान समाज के लिए जीवनदायी है और विश्वविद्यालय सदैव ऐसे जनकल्याणकारी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा. मैं इस अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई देती हूं."

Thursday, June 18, 2026

योग जागरूकता रैली: गोरखपुर विश्वविद्यालय ने सड़क पर उतारा जनसैलाब, कुलपति ने दिया बड़ा संदेश

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित द्विसाप्ताहिक कार्यक्रम श्रृंखला के तहत एक विशाल योग जनजागरुकता रैली का सफल आयोजन किया गया। सुबह सवेरे आयोजित हुई इस रैली में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और शहर के गणमान्य नागरिकों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य यात्रा को गोरखपुर के महापौर डॉक्टर मंगलेश कुमार और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने प्रातः छह बजकर पांच मिनट पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सुबह छह बजकर चालीस मिनट पर नौकायन केंद्र पहुंची। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित इस योग जागरूकता रैली का उद्देश्य आम जनमानस को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और सोशल कनेक्ट को धरातल पर उतारना था। रैली की शुरुआत बेहद अनुशासित और गरिमामयी माहौल में हुई। मुख्य नियंता डॉ टी एन मिश्र और ट्रैफिक पुलिस से श्री रामवृक्ष यादव के सम्यक मार्गदर्शन में पूरी यात्रा को नियंत्रित और अनुशासित रखा गया। रैली के संयोजकद्वय प्रोफेसर अमोद कुमार राय और प्रोफेसर सत्यपाल सिंह ने इस आयोजन को विश्वविद्यालय के लिए एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक अनुभव बताया। नौकायन पर उमड़ा भारी जनसैलाब इस विशाल आयोजन में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्यों सहित एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्ववित्तपोषित संस्थाओं के निदेशकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही शहर के तमाम गणमान्य नागरिकों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के प्रबंधक सभा के अध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार राय ने भी इस यात्रा में भाग लिया। जब यह रैली नौकायन पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद अद्भुत और सुंदर था, जहां चारों तरफ योग के प्रति उत्साह देखने को मिल रहा था। कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का संबोधन नौकायन पर उपस्थित विशाल जनसैलाब को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने योग को दैनिक जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि योग आज केवल भारत में ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में एक बड़ी सामाजिक क्रांति बन चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा इस रैली को निकालने का मुख्य उद्देश्य यही है कि आम लोगों के भीतर योग के प्रति आकर्षण पैदा हो। उन्होंने आह्वान किया कि योग को दैनिक अभ्यास में शामिल करके ही एक स्वस्थ और सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सकता है। एनसीसी और एनएसएस की सक्रिय भागीदारी इस पूरी यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने में एनसीसी, एनएसएस और रोवर्स रेंजर्स के संयोजकों ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रैली के आयोजन को सफल बनाने वाली संयोजन टीम में प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी, प्रोफेसर विनीता पाठक, प्रोफेसर रविकांत उपाध्याय, प्रोफेसर शरद मिश्र, प्रोफेसर एसके सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर अनुभूति दुबे, प्रोफेसर विमलेश मिश्र, प्रोफेसर सुषमा पांडे, प्रोफेसर अजय कुमार चौबे, डॉ संजय तिवारी, डॉ राहुल मिश्र, डॉ तुलिका मिश्र, डॉ मीतू सिंह और डॉ सुनीता सहित कई अन्य शिक्षक शामिल रहे।

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