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Tuesday, August 11, 2026

बड़ी सौगात: सीएम योगी ने 70 करोड़ की लागत से बने टू-लेन मार्ग का किया लोकार्पण



गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 70 करोड़ रुपये की भारी लागत से नवनिर्मित एक महत्वपूर्ण टू-लेन मार्ग का लोकार्पण किया। यह नया सड़क मार्ग नेशनल हाईवे-24, जिसे सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर मार्ग के नाम से भी जाना जाता है, वहां से शुरू होता है। इसके बाद यह टू-लेन मार्ग ग्रीन सिटी कॉलोनी और पटनिया के रास्ते होते हुए सीधे माधोपुर बंधा तक जाता है। इस अहम सड़क परियोजना के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें इस बात का पूर्ण विश्वास है कि यह नया मार्ग गोरखपुर नगर में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारु और सुगम बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह नवनिर्मित सड़क आम नागरिकों के रोजमर्रा के आवागमन को भी अत्यंत सहज बना देगी। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने इस नई सड़क की सौगात मिलने पर सभी जनपद वासियों को अपनी ओर से हार्दिक बधाई दी है।

70 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आज लोकार्पित किए गए इस टू-लेन मार्ग के निर्माण में 70 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह नवनिर्मित सड़क सीधे तौर पर एनएच-24 (सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर मार्ग) को जोड़ती है। इसका रूट ग्रीन सिटी कॉलोनी और पटनिया होते हुए माधोपुर बंधा तक तैयार किया गया है, जिससे इस पूरे इलाके में लोगों को एक नई और सीधी कनेक्टिविटी मिल गई है।

नगर का यातायात होगा सुचारु और सुगम

लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने इस सड़क की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह नया टू-लेन मार्ग नगर के अंदर यातायात को काफी सुचारु और सुगम बनाने का काम करेगा। इस मार्ग के चालू हो जाने से इलाके में वाहनों का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।

जनपद वासियों को दी हार्दिक बधाई

सड़क के शुरू होने से आम जनता को मिलने वाली सहूलियत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मार्ग नागरिकों के आवागमन को अत्यंत सहज बनाएगा। इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के पूरा होने और जनता के लिए इस मार्ग को खोले जाने पर उन्होंने सभी जनपद वासियों को अपनी तरफ से हार्दिक बधाई दी।





शिकंजा: गोरखपुर में 10 करोड़ से अधिक की ठगी, पूर्व रेलवे स्टेशन अधीक्षक और बेटी पर चौथी प्राथमिकी दर्ज



गोरखपुर:  जिले में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सहजनवां रेलवे स्टेशन के पूर्व अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह, उसकी पीएचडी कर चुकी बेटी गरिमा, शिक्षक दामाद और अन्य गुर्गों के खिलाफ एम्स थाने में चौथी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के पास अब तक इस मामले में 10 पीड़ितों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें से चार मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि छह अन्य शिकायतों की जांच सीओ स्तर पर चल रही है। मुख्य आरोपी रेलवे अधिकारी की बेटी और पूर्व अधीक्षक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

93 लाख का लोन स्वीकृत कराकर ठगी का आरोप

मोहद्दीपुर निवासी स्टेशन अधीक्षक मोहन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि ध्रुव नारायण सिंह उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी गरिमा लोगों के लोन माफ करा देती है। इस पर उन्होंने अपने पुराने लोन के संबंध में गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि गरिमा ने अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर 93 लाख 20 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। इसके लिए उन्हें बैंक भी नहीं जाना पड़ा। गरिमा ने लोन की रकम में से आठ लाख रुपये छोड़कर बाकी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली और एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का भरोसा दिया था।

टालमटोल करने पर खुला गिरोह का राज

आरोपी गरिमा द्वारा एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 महीने बीतने के बाद भी एक भी किस्त जमा नहीं हुई। जब मोहन सिंह ने रकम के बारे में पूछताछ की, तो वह टालमटोल करने लगी। इसके बाद पीड़ित को इस बड़े फर्जीवाड़े और गिरोह के बारे में सच्चाई पता चली, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और अन्य पीड़ितों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस साम्राज्य का पूरा पर्दाफाश हो सके।

दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

इस सनसनीखेज मामले में पुलिस मुख्य आरोपी ध्रुव नारायण सिंह और उसकी बेटी गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, शिक्षक दामाद भानू प्रताप सिंह, विशाल यादव, चंद्र प्रकाश, राजेंद्र कुमार और दिनकर मणि त्रिपाठी समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एम्स थाने में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं, जबकि एक मामला सहजनवां थाने में दर्ज है। इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि अन्य छह शिकायतों की जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





दर्दनाक मौत: गीडा थाने के शौचालय में बेहोश होकर गिरा युवक, अस्पताल में तोड़ा दम


गोरखपुर: गीडा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। उस्का गांव निवासी 38 वर्षीय विश्वजीत थाने के शौचालय में अचानक बेहोश होकर गिर गया। पुलिसकर्मी उसे तुरंत सीएचसी पिपरौली ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, चार दिन पहले शराब पीने के दौरान चचेरे भाई से विवाद के बाद विश्वजीत की पिटाई की गई थी। इसी मामले की शिकायत लेकर वह रविवार को थाने पहुंचा था। पुलिस ने सोमवार को दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था। इसी दौरान थाने के शौचालय में यह घटना हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

चचेरे भाई के साथ हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, चार दिन पहले विश्वजीत अपने चचेरे भाई सचिन के साथ शराब पीने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सचिन ने विश्वजीत की पिटाई कर दी। इस घटना के बाद से ही विश्वजीत की तबीयत ठीक नहीं थी। रविवार को उसने गीडा थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की मौखिक जानकारी दी थी।

बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था

विश्वजीत की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सोमवार को विश्वजीत और उसके चचेरे भाई सचिन को थाने बुलाया था। थाने में दोनों से विवाद के संबंध में बातचीत चल रही थी। इसी बीच विश्वजीत ने पुलिसकर्मियों से शौचालय जाने की बात कही और वहां चला गया।

शौचालय में बेहोश पड़ा मिला

जब काफी देर तक विश्वजीत शौचालय से वापस नहीं आया, तो पुलिसकर्मियों ने वहां जाकर देखा। विश्वजीत वहां जमीन पर बेहोश पड़ा था। पुलिस उसे तत्काल सीएचसी पिपरौली लेकर पहुंची, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

विकास कार्य: गोरखपुर और संत कबीर नगर को ₹754 करोड़ की मिलेगी सौगात

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास की गति निरंतर तेज हो रही है। इसी क्रम में आज जनपद गोरखपुर एवं संत कबीर नगर में ₹754 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगा। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। राज्य में विकास और लोक-कल्याण को एक साथ आगे बढ़ाने का यह प्रयास आज 'नए उत्तर प्रदेश' की प्रमुख पहचान बन चुका है।


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₹754 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास


उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य में कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए आज जनपद गोरखपुर और संत कबीर नगर में ₹754 करोड़ से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जा रहा है।

लाभार्थियों को दिए जाएंगे प्रमाण-पत्र

विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के साथ-साथ आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी प्राथमिकता में शामिल है। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

'नए उत्तर प्रदेश' की पहचान बना विकास और लोक-कल्याण

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, बेहतर कनेक्टिविटी और समाज के हर वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाना राज्य सरकार की नीति का प्रमुख हिस्सा है। विकास भी और लोक-कल्याण भी का यह मॉडल आज 'नए उत्तर प्रदेश' की पहचान को प्रदर्शित करता है।

Monday, July 6, 2026

डीडीयू: 13 जुलाई से शुरू होंगी विषम सेमेस्टर की कक्षाएं, निर्देश जारी

Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) और इससे संबद्ध सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नियमित और स्ववित्तपोषित स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के विषम सेमेस्टर (तृतीय, पंचम, सप्तम और नवम) की कक्षाएं 13 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, निदेशकों, संकायाध्यक्षों और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि छात्रों की पढ़ाई समय से शुरू हो और पूरे शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन किया जाए.

गोरखपुर न्यूज: 13 जुलाई से नियमित कक्षाएं चलाने का निर्देश

विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से जारी किए गए निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित तिथि यानी 13 जुलाई से सभी कक्षाओं का नियमित संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि विद्यार्थियों को समय से अध्ययन-अध्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए. इसके साथ ही, शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप ही पूरा शिक्षण कार्य संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को अपना कोर्स पूरा करने में परेशानी का सामना न करना पड़े.

समयबद्ध शिक्षण व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

कक्षाओं के संचालन को लेकर डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित और समयबद्ध शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी विभागों एवं महाविद्यालयों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे 13 जुलाई से ही नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करें. इससे विद्यार्थियों का नया शैक्षणिक सत्र बिना किसी विलंब के और सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा.

छात्रों से पहले दिन से कक्षाओं में उपस्थित रहने की अपील

कक्षाएं शुरू करने के निर्देशों के साथ ही कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों से भी एक खास अपील की है. उन्होंने छात्रों से कहा है कि वे पहले ही दिन से नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में उपस्थित रहें और अध्ययन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं. कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, समयबद्ध परीक्षा एवं परिणाम तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसी बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही पूरे शैक्षणिक कैलेंडर का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है.

Sunday, July 5, 2026

गोरखपुर: ठगी करने वाले दो गैंगस्टरों पर एक्शन, लाखों के वाहन जब्त

गोरखपुर। संगठित अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में एम्स थाना पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के दो अलग-अलग आरोपियों की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में पुलिस ने जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गैंगस्टर पंकज जायसवाल का 3.45 लाख रुपये कीमत का एक चारपहिया वाहन जब्त किया है। वहीं, दूसरे मामले में जालसाजी के आरोपी गैंगस्टर मनोज का 42 हजार रुपये कीमत का दोपहिया वाहन सीज किया गया है। दोनों ही आरोपियों ने अपराध के जरिए धन अर्जित कर ये संपत्तियां बनाई थीं, जिन पर यूपी गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत एक्शन लिया गया है।

पंकज जायसवाल का चारपहिया वाहन जब्त

एम्स पुलिस के मुताबिक, एम्स थाना क्षेत्र के रुद्रापुर कुसम्ही बाजार निवासी ईश्वरचंद्र जायसवाल के बेटे पंकज जायसवाल पर जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है। उसके खिलाफ एम्स थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पंकज के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के कई गंभीर मामले पंजीकृत हैं। इन्हीं अपराधों से अर्जित की गई अवैध संपत्ति से उसने चारपहिया वाहन खरीदा था, जिसे पुलिस ने अब जब्त कर लिया है।

जालसाज मनोज का दोपहिया भी हुआ सीज

गैंगस्टर एक्ट की दूसरी कार्रवाई पिपराइच थाना क्षेत्र के रक्षवापार निवासी सुदर्शन के बेटे मनोज पर की गई है। एम्स थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मनोज के दोपहिया वाहन को सीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मनोज के खिलाफ एम्स और रामगढ़ताल थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। इसी काली कमाई के जरिए उसने अपना वाहन खरीदा था।

इस पुलिस टीम ने की जब्ती की कार्रवाई

जिलाधिकारी के आदेश पर दोनों गैंगस्टरों की संपत्ति जब्त करने वाली टीम का नेतृत्व एम्स थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार पांडेय ने किया। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उनके साथ उपनिरीक्षक हरिकिशोर मिश्रा, उपनिरीक्षक गौरव तिवारी और उपनिरीक्षक राजकुमार शामिल रहे। इसके अलावा कांस्टेबल सूरज सिंह, कांस्टेबल प्रीतम कुशवाहा और रिक्रूट कांस्टेबल ऋषभराज गुप्ता ने भी इस जब्ती की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की अवैध संपत्ति के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Friday, July 3, 2026

प्रमोशन: गोरखपुर के एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद बने आईपीएस, डीजीपी ने लगाया रैंक

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, गोमती नगर विस्तार में शुक्रवार 03 जुलाई 2026 को आयोजित पिपिंग सेरेमनी में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत अधिकारियों को रैंक प्रदान किया गया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने 1999 बैच के अधिकारी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को आईपीएस रैंक लगाकर सम्मानित किया। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद वर्तमान में गोरखपुर में एसपी नार्थ (अपर पुलिस अधीक्षक) के पद पर तैनात हैं। वह एक तेजतर्रार और फील्ड में सक्रिय अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। इस समारोह के उपरांत पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर नई जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

नवंबर 2025 से गोरखपुर में हैं तैनात

ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने नवंबर 2025 में गोरखपुर के एसपी नार्थ का कार्यभार ग्रहण किया था। तब से वह लगातार जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी कार्यशैली में सख्ती के साथ-साथ जनसुनवाई और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती रही है, जिससे आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

गाजीपुर और इटावा में भी दी सेवाएं

अपने सेवा काल के दौरान उन्होंने गोरखपुर के अलावा गाजीपुर और इटावा जनपदों में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहकर कार्य किया है। इन जनपदों में रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

डीजीपी ने दिया निष्ठा और अनुशासन का संदेश

पिपिंग सेरेमनी के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा अत्यंत जिम्मेदारी भरा कार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।

खुलासा: साइबर ठगी के पैसे से आभूषण खरीदने वाला आरोपी गिरफ्तार, शाहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गोरखपुर। साइबर अपराध से कमाई गई रकम का इस्तेमाल कर करीब 50 लाख रुपये के आभूषण खरीदने और ठगी करने के मामले में शाहपुर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान धीरज सिंह के रूप में हुई है, जो बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के उचका गाम का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी धीरज सिंह पुत्र हरकेश सिंह के खिलाफ थाना शाहपुर में मु0अ0सं0 287/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक आभूषण दुकान के मैनेजर ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई।

फर्जी खातों से किया गया लाखों का भुगतान

शाहपुर थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में आभूषण दुकान के मैनेजर ने बताया था कि एक व्यक्ति ने अलग-अलग तारीखों में उनकी दुकान से करीब 50 लाख रुपये के जेवरात खरीदे थे। इन जेवरातों की खरीद के लिए भुगतान नकद न करके विभिन्न फर्मों के नाम से चल रहे बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन किया गया था। दुकानदारों को शुरुआत में इस भुगतान पर कोई शक नहीं हुआ, लेकिन बाद में बैंक से आई एक ई-मेल ने सबके होश उड़ा दिए।

बैंक से मिली ई-मेल के बाद हुआ खुलासा

आभूषणों की खरीद के कुछ समय बाद संबंधित फर्म के बैंक खाते को होल्ड (फ्रीज) कर दिया गया। इसके बाद बैंक से एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें साफ तौर पर बताया गया कि जिस खाते से आभूषणों का भुगतान किया गया है, उसका इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन में हुआ है। साइबर अपराधियों ने ठगी के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए इस खाते का उपयोग किया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

वीडियो कॉल के जरिए जुड़ा था मुख्य आरोपी

पुलिस की विवेचना और जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दुकान में आभूषण खरीदने आया व्यक्ति लगातार वीडियो कॉल के माध्यम से धीरज सिंह के संपर्क में था। धीरज सिंह के निर्देशों पर ही जेवरातों का चयन और उनकी खरीदारी की जा रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि धीरज सिंह और उसके साथी ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर साइबर ठगी के पैसे से जेवरात खरीदे। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

फेरबदल: रामगढ़ताल थाना प्रभारी सुनील कुमार राय बने डीसीआरबी प्रभारी

गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रामगढ़ताल थाने के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय का स्थानांतरण कर दिया है। एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से डीसीआरबी (जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो) का नया प्रभारी नियुक्त किया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से जारी किए गए इस आदेश में स्थानांतरित निरीक्षक को तुरंत नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभालने और अनुपालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महकमे में अचानक हुए इस बदलाव को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और ज्यादा मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। थाना प्रभारी से डीसीआरबी प्रभारी बनाए गए सुनील कुमार राय जिले के वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ एसएसपी का आदेश

एसएसपी डॉ. कोस्तुभ द्वारा जारी किए गए स्थानांतरण आदेश को तुरंत प्रभावी कर दिया गया है। रामगढ़ताल थाने में बतौर प्रभारी निरीक्षक तैनात रहे सुनील कुमार राय को अब अपनी पुरानी जिम्मेदारी छोड़कर नए पद पर जॉइन करना होगा। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का पालन अविलंब सुनिश्चित किया जाए ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए।

डीसीआरबी प्रभारी के रूप में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई तैनाती के बाद अब सुनील कुमार राय को जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) की कमान सौंप दी गई है। डीसीआरबी प्रभारी के रूप में उनके कंधों पर जिले भर के अपराध रिकॉर्ड का संधारण करने, अपराधियों के डेटा का विश्लेषण करने और अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं के संकलन की मुख्य जिम्मेदारी होगी। यह विभाग जिले में अपराध नियंत्रण की रणनीति तैयार करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।

कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने पर एसएसपी का जोर

इस बड़े बदलाव के साथ ही एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने पुलिस महकमे के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने तय दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और कड़े अनुशासन के साथ करें। एसएसपी ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाना है।

डीडीयू: गोरखपुर विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन के बीच हुआ समझौता

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन के बीच छात्र-छात्राओं के शारीरिक प्रशिक्षण, खेल कौशल और मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के कक्ष में इस समझौते पर सहमति हस्ताक्षर किए गए। इस विशेष अवसर पर दोनों संस्थाओं के बीच खेल गतिविधियों के विकास, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, ताइक्वांडो प्रशिक्षण, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा के बाद छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न बिंदुओं पर आपसी सहयोग की सहमति बनी। इस समझौते के जरिए आने वाले समय में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को खेल और ताइक्वांडो के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण एमओयू कार्यक्रम में कुलपति के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े खेल विशेषज्ञ भी शामिल हुए। बैठक में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर पॉल वीलर (जर्मनी), मलेशियन ताइक्वांडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर नाजमी बिन (मलेशिया) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की मौजूदगी में छात्र-छात्राओं के खेल कौशल को वैश्विक स्तर पर निखारने को लेकर रणनीति बनाई गई।

इन पदाधिकारियों ने की विस्तृत चर्चा

खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर विमलेश मिश्र, क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉक्टर राजवीर सिंह और ए.आई.आई.टी.ए. के सचिव डॉक्टर संतोष कुमार यादव ने भी हिस्सा लिया। इन सभी पदाधिकारियों ने मिलकर छात्र-छात्राओं के शारीरिक प्रशिक्षण, मानसिक विकास और ताइक्वांडो खेल कौशल को विकसित करने के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम आदि आयोजित करने पर विस्तृत बातचीत की।

कुलपति और एसोसिएशन अध्यक्ष ने किए हस्ताक्षर

सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आपसी सहमति बनने के बाद समझौते पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस एमओयू पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने हस्ताक्षर किए। वहीं ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन की तरफ से एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय चहल ने हस्ताक्षर कर इस खेल साझेदारी को आधिकारिक रूप से अमलीजामा पहनाया।

डीडीयू: गोरखपुर विश्वविद्यालय ने जारी की अनंतिम श्रेष्ठता सूची, 7 जुलाई तक मांगी आपत्तियां

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने आगामी 45वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को तेज करते हुए स्नातक, स्नातकोत्तर और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की अनंतिम श्रेष्ठता सूची जारी कर दी है। इस सूची में प्रथम प्रयास में सर्वाधिक सीजीपीए या अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी इस प्रस्तावित सूची को विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों के मेधावी छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि यह सूची अभी अंतिम नहीं है। यदि किसी भी विद्यार्थी को अपने अंक, सीजीपीए, रैंक या अन्य किसी भी तथ्य को लेकर कोई आपत्ति या दावा पेश करना है, तो वह प्रमाण-पत्रों के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आपत्तियां स्वीकार करने की अंतिम समय सीमा 07 जुलाई, 2026 की शाम 5:00 बजे तक तय की गई है।

प्रशासनिक भवन में दर्ज करानी होगी आपत्ति

विद्यार्थियों को अपनी आपत्ति या दावा प्रशासनिक भवन स्थित अभिलेख कक्ष में स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय और तारीख के बाद मिलने वाली किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के विषयवार टॉपर्स की सूची भी सामने आ गई है। कला संकाय में बीए में मानसी भट्ट और बीएजेएमसी में कुमार सुधांशु सिंह ने पहला स्थान पाया है। वाणिज्य संकाय में बीकॉम में प्रियंका और बीबीए में श्रेया जायसवाल आगे रहीं, जबकि शिक्षा संकाय के बीएड में समरा फिरदौस ने बाजी मारी है। इंजीनियरिंग में बीटेक कंप्यूटर साइंस में शिवम सिंह और विधि संकाय के एलएलबी में कौशिकी शांडिल्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विज्ञान संकाय की बात करें तो बीएससी में निधि यादव और एमएससी गणित में सुनीधी पहले स्थान पर रही हैं। कृषि संकाय के बीएससी कृषि में सुहानी पाण्डेय ने टॉप किया है।

ये रहे विश्वविद्यालय के प्रमुख टॉपर्स

विश्वविद्यालय के प्रमुख टॉपर्स की बात करें तो संपूर्ण स्नातक कला संकाय में सरस्वती देवी महाविद्यालय, नंदापार की मानसी भट्ट ने 9.43 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। वहीं स्नातक (छात्र) वर्ग में द्रोपदी देवी विन्ध्याचल महाविद्यालय के हनुमान कुमार गोंड 9.12 सीजीपीए लेकर आगे रहे। स्नातक हिंदी विषय में अखिलभाग्य महाविद्यालय के रोशन गुप्ता ने 1700 में से 1529 अंक हासिल किए हैं। स्नातकोत्तर कला संकाय में विश्वविद्यालय परिसर की अन्नू निषाद (एमए संस्कृत) ने 8.96 सीजीपीए के साथ छात्राओं और पूरे संकाय में टॉप किया है। इसके अलावा सर्वोदय किसान महाविद्यालय, कौड़ीराम की मानवी सिंह ने एमए राजनीति विज्ञान में 8.17 सीजीपीए प्राप्त किया है।

विज्ञान संकाय में इन्होंने लहराया परचम

विज्ञान संकाय के स्नातक स्तर पर अखिलभाग्य महाविद्यालय, रनापार की निधि यादव ने 9.15 सीजीपीए लेकर टॉप किया है। स्नातक गणित विषय में सरस्वती देवी महाविद्यालय, खड्डा की साक्षी मिश्रा ने 1500 में से 1337 अंक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। वहीं स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर की सुनीधी (एमएससी गणित) ने 9.65 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च प्रदर्शन किया है। विश्वविद्यालय इस सूची पर मिलने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मेधा सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर दीक्षांत समारोह में पदक और उपाधियां दी जाएंगी।

हादसा: सरयू नदी में पलटी मोटर बोट, लाइफ जैकेट ने बचाई जान

गोरखपुर। जनपद के बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ घाट पर सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सरयू (घाघरा) नदी में एक निजी मोटर बोट अचानक पलट गई। घटना सुबह करीब 10:45 बजे की है। बोट पर सवार पांच लोग नदी के पानी में गिर गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस हादसे में बड़ी अनहोनी टल गई, क्योंकि सभी सवारों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। लाइफ जैकेट की वजह से सभी पांचों लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। स्थानीय नाविकों और घाट पर तैनात आपदा मित्रों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी को नदी से बाहर निकाला। हादसे में कुछ लोग घायल हुए हैं, जिन्हें फौरन प्राथमिक उपचार के लिए बड़हलगंज के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

आपदा मित्रों की तत्परता आई काम

जिले में डूबने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही संवेदनशील घाटों पर आपदा मित्रों की तैनाती कर रखी है। अपर जिला अधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी (आपदा) के नेतृत्व में यह सुरक्षा व्यवस्था संचालित हो रही है। इसी का नतीजा रहा कि बोट पलटने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई और समय रहते सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। घाट पर तैनात आपदा मित्र लगातार लोगों को जागरूक करने का काम भी कर रहे हैं।

सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

मुक्तिपथ घाट पर तैनात आपदा मित्र घनश्याम मौर्य और सुरीना ने बताया कि वे यात्रियों से लगातार अपील करते हैं कि बोट में बैठते समय लाइफ जैकेट जरूर पहनें। सभी मोटर बोट चालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे हर यात्री को लाइफ जैकेट पहनाना सुनिश्चित करें। प्रशासन की ओर से बोट संचालकों को निशुल्क लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा में कोई कोताही न बरती जाए।

प्रशासन की सख्त हिदायत

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि जल यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना कितना जरूरी है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी में सफर करते समय पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षा नियमों का हर हाल में पालन करें। प्रशासन का साफ कहना है कि लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

सफलता: बैंक नौकरी और परिवार के बीच कोमल कौर ने क्रैक की बीपीएससी परीक्षा

महराजगंज। नौतनवां कस्बे के जानकी नगर निवासी कोमल कौर ने बैंक की नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के बीच शानदार संतुलन बनाते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 2024 की परीक्षा में सफलता हासिल की है। हाल ही में घोषित अंतिम परिणाम में उन्हें 545वीं रैंक प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर उनका चयन जिला प्रोबेशन अधिकारी के पद पर हुआ है। कोमल वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक में एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2015 में उनका चयन एसबीआई में हुआ था। नौकरी की व्यस्तता और परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल कर नौतनवा सहित पूरे महराजगंज जिले का गौरव बढ़ाया है।

शिक्षा और शैक्षणिक पृष्ठभूमि

कोमल कौर ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा नौतनवा के होली क्रॉस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वीर बहादुर सिंह राजकीय महाविद्यालय, कैंपियरगंज से स्नातक तथा लाल बहादुर शास्त्री संस्थान से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनकी यह शैक्षणिक यात्रा उनकी कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

परिवार और पति का मिला सहयोग

कोमल कौर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति गगनदीप सिंह, मायके और ससुराल के सदस्यों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और विश्वास के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। गगनदीप सिंह, जो नौतनवा के प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, ने तैयारी के दौरान हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।

सहकर्मियों ने जताई खुशी

एसबीआई के शाखा प्रबंधक कुलदीप ने कोमल कौर को मेहनती, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी सफलता बैंक परिवार के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी इस उपलब्धि से नौतनवा क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं को संदेश मिला है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।

प्रवेश: बांसगांव के जीजीआईसी में शुरू हुए दाखिले, जानें पूरी डिटेल

गोरखपुर। तहसील मुख्यालय बांसगांव स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। आजादी से पूर्व साल 1905 में स्थापित इस विद्यालय में कक्षा एक से लेकर आठ तक और कक्षा 9 से 12 तक व्यावसायिक एवं कला वर्ग में दाखिले किए जा रहे हैं। कॉलेज की प्रधानाचार्या सुगंधा शर्मा ने बताया कि अभिभावक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह पूरी तरह से बालिका विद्यालय है और यहां कक्षा एक से लेकर 12वीं तक केवल बालिकाओं का ही प्रवेश लिया जाता है।

यह है प्रवेश का समय

कक्षा 9, 10, 11 और 12 में कला विषय और व्यावसायिक वर्ग में पढ़ने की इच्छुक छात्राएं तय समय पर विद्यालय आकर अपना नामांकन करा सकती हैं। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन कक्षाओं में प्रवेश के लिए सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान छात्राएं या उनके अभिभावक कॉलेज कैंपस में संपर्क कर सकते हैं।

इन रोजगारपरक विषयों की भी है सुविधा

छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्यालय में रोजगारपरक शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कक्षा 11 और 12 में रंगाई-पुताई, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण और शिशु प्रबंधन जैसे विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था है। इसके अलावा, छात्राओं को आधुनिक तकनीक से जोड़े रखने के लिए विद्यालय में नियमित रूप से स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है।

जूनियर कक्षाओं के लिए मुफ्त सुविधाएं

विद्यालय में जूनियर कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं को शासन की ओर से कई सुविधाएं निशुल्क दी जा रही हैं। कक्षा 6, 7 और 8 में दाखिला लेने वाली सभी बालिकाओं को पढ़ाई के लिए मुफ्त किताबें और ड्रेस दी जाएगी। साथ ही, इन छात्राओं के लिए विद्यालय में नियमित रूप से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की भी समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।

बड़ी कामयाबी: दो पासपोर्ट बनवाने वाला 10 हजार का इनामी गिरफ्तार

गोरखपुर। खजनी थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी कर दो पासपोर्ट बनवाने वाले एक वांछित और 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुआं बुजुर्ग कमरदेवा ढकहा बाजार निवासी दिनेश यादव (पुत्र रामप्रीत यादव) के रूप में हुई है। आरोपी दिनेश के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 42/2025 के तहत धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादवि और 12 पासपोर्ट अधिनियम में केस दर्ज किया था। वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

जांच में सही पाई गई थी शिकायत

खजनी थाने के प्रभारी निरीक्षक जयन्त कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी दिनेश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी से दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने की शिकायत पुलिस को मिली थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की गहन जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान आरोप बिल्कुल सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

एसएसपी ने घोषित किया था इनाम

मुकदमा दर्ज होने के दौरान ही आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। पुलिस की टीमों ने उसे पकड़ने के लिए कई प्रयास किए और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। जब तमाम कोशिशों के बाद भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका, तब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने दिनेश यादव की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।

मुखबिर की सटीक सूचना पर हुई गिरफ्तारी

वांछित और इनामी अपराधी की सरगर्मी से तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर के जरिए उसके ठिकाने के बारे में अहम सूचना मिली। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाने पर तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) जितेन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल यशवन्त यादव और कांस्टेबल संदीप यादव की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय भेजा गया।

ग्लोबल पहचान: एमएमएमयूटी के बीटेक कोर्स में एडमिशन के लिए 6 देशों से मिले 98 अंतरराष्ट्रीय आवेदन

गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 'स्टडी इन इंडिया' पोर्टल के जरिए विश्वविद्यालय को प्रवेश के लिए अब तक कुल 98 विदेशी छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। यह उत्साहजनक आंकड़ा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और एक उभरते हुए वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में इसकी लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान तथा प्रतिष्ठा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया

विश्वविद्यालय को मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी महत्वपूर्ण आवेदन एशिया, अफ्रीका, मध्य-पूर्व और उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के कुल छह अलग-अलग देशों के विद्यार्थियों की ओर से प्राप्त हुए हैं। इन विदेशी आवेदनों के इतनी बड़ी संख्या में आने से यह पूरी तरह से साबित होता है कि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बना चुका है। स्टडी इन इंडिया पोर्टल के माध्यम से आए इन 98 आवेदनों में विदेशी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए अपनी गहरी रुचि दिखाई है, जो विश्वविद्यालय प्रशासन और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया है।

बांग्लादेश से आए सर्वाधिक आवेदन

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को दुनिया भर के छह देशों से कुल 98 आवेदन मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा रुझान बांग्लादेश के छात्रों ने दिखाया है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले बांग्लादेश से ही सर्वाधिक 60 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद पड़ोसी देश नेपाल और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) का नंबर आता है, जहां से 15-15 विद्यार्थियों ने बीटेक में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा मध्य-पूर्व के देश ओमान से 5, अफ्रीकी देश सूडान से 2 और मोज़ाम्बिक से 1 अंतरराष्ट्रीय आवेदन प्राप्त हुआ है।

कंप्यूटर साइंस और आईटी की सबसे ज्यादा डिमांड

विदेशी छात्र-छात्राओं ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विभिन्न बीटेक पाठ्यक्रमों में दाखिले की इच्छा जताई है। इन अंतरराष्ट्रीय अभ्यर्थियों ने विशेष रूप से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) जैसे कोर्स में सबसे ज्यादा रुचि दिखाई है। इन पाठ्यक्रमों को लेकर विदेशी छात्रों का यह रुझान तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के पढ़ाई के उच्च स्तर को प्रमाणित करता है।

इन कोर ब्रांच में भी विदेशी छात्रों की रुचि

'स्टडी इन इंडिया' पोर्टल के माध्यम से इतनी बड़ी संख्या में विदेशी आवेदनों का आना विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। तकनीकी क्षेत्र के कंप्यूटर पाठ्यक्रमों के अलावा विदेशी छात्रों ने कोर ब्रांच में भी दिलचस्पी दिखाई है। अभ्यर्थियों ने विद्युत अभियांत्रिकी (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग सहित अन्य विभिन्न स्नातक इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में भी प्रवेश के लिए आवेदन किया है। अलग-अलग ब्रांचों में छह देशों के छात्रों की यह दावेदारी विश्वविद्यालय के वैश्विक पटल पर उभरने का संकेत है।

Thursday, July 2, 2026

पूर्वोत्तर रेलवे: महाप्रबंधक ने किया गोंडा-बुढ़वल-सीतापुर रेलखंड का सघन निरीक्षण, यात्री सुरक्षा पर दिया जोर

गोंडा स्टेशन के पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं की समीक्षा

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर ने लखनऊ मंडल के अंतर्गत गोंडा-बुढ़वल-सीतापुर रेलखंड का विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोंडा स्टेशन पर चल रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का गहन मुआयना किया। महाप्रबंधक ने स्टेशन भवन के डिजाइन, मास्टर प्लान और स्ट्रक्चर का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने यात्री सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने प्लेटफार्म संख्या 1 के सुदृढ़ीकरण, फूड ट्रैक और रेल आहार स्टालों की जांच की। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के डॉग स्क्वायड टीम से जानकारी ली और परिवर्धित गार्ड ब्रेक वैन का निरीक्षण किया। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए उन्होंने गोंडा के अधिकारी विश्रामालय परिसर में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पौधरोपण भी किया।

संरक्षा जांच, कर्मचारियों का उत्साहवर्धन और हैंडबुक का विमोचन

गोंडा-बुढ़वल-सीतापुर खंड में विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए महाप्रबंधक ने रेलवे ट्रैक, पुलों और समपार फाटकों की सुरक्षा को परखा। बिसवां-सरैयां स्टेशनों के मध्य गेट संख्या 52/सी पर निरीक्षण के दौरान उन्होंने गेटमैन से संरक्षा नियमों की जानकारी ली। गेटमैन की दक्षता और तत्परता से प्रसन्न होकर महाप्रबंधक ने उसे मौके पर ही नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। बुढ़वल स्टेशन पर सोलर पैनल व पैनल रूम की जांच करने के साथ ही उन्होंने सुमली नदी (पुल संख्या 78) के नीचे होने वाली अनधिकृत ट्रेसपासिंग को तुरंत रोकने के सख्त निर्देश दिए।

अपने दौरे के अंतिम चरण में महाप्रबंधक ने सीतापुर जंक्शन का रुख किया, जहां उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों और रेलवे कालोनी का विस्तृत निरीक्षण किया। सीतापुर स्थित एकीकृत क्रू लॉबी और रनिंग रूम का जायजा लेते हुए उन्होंने ट्रेन संचलन से जुड़े लोको पायलटों और ट्रेन मैनेजरों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही, गर्मियों के मौसम को देखते हुए रनिंग रूम में एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। इस अवसर पर रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाप्रबंधक ने “नॉन-इंटरलॉक समपार फाटक एवं स्वचालित सिग्नलिंग क्षेत्र में असामान्य कार्य प्रणाली” विषय पर तैयार की गई एक विशेष हैंडबुक का विमोचन भी किया।

Wednesday, July 1, 2026

डॉक्टर्स डे: फातिमा अस्पताल में चिकित्सकों के निस्वार्थ सेवा भाव को किया गया सलाम



गोरखपुर: गोरखपुर के फातिमा अस्पताल में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2026 के अवसर पर बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. फातिमा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में समाज के प्रति डॉक्टरों के समर्पण और उनकी निस्वार्थ सेवा को सलाम किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सिटी एसपी निमिष पाटिल (आईपीएस) ने चिकित्सकों को समाज का सच्चा रक्षक और राष्ट्र की अनमोल धरोहर बताया. वहीं अस्पताल के निदेशक फा. डॉ. संतोष सेबेस्टियन ने कहा कि डॉक्टर समाज के लिए सेवा, समर्पण और करुणा का जीवंत उदाहरण हैं. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजक खेलों का भी आयोजन हुआ, जिसमें अस्पताल के स्टाफ और नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया.




प्रार्थना गीत से हुई शुरुआत, सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता

कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर की वंदना करते हुए प्रार्थना गीत से हुआ. इसके बाद फातिमा अस्पताल के निदेशक फा. डॉ. संतोष सेबेस्टियन ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डॉक्टर समाज के लिए सेवा, समर्पण और करुणा का एक जीवंत उदाहरण पेश करते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि फातिमा अस्पताल हमेशा मरीजों की सेवा और उनके बेहतर स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा.

समाज के सच्चे रक्षक हैं डॉक्टर - गोरखपुर न्यूज

इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित सिटी एसपी निमिष पाटिल (आईपीएस) ने चिकित्सकों के अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की. उन्होंने डॉक्टरों को समाज का सच्चा रक्षक बताते हुए कहा कि वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के कार्य में निरंतर जुटे रहते हैं. एसपी निमिष पाटिल ने अपने संबोधन में चिकित्सकों के योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्र की अनमोल धरोहर की संज्ञा दी.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलों ने बांधा समां

डॉक्टर्स डे के इस कार्यक्रम के दौरान कई रंगारंग और मनोरंजक प्रस्तुतियां भी दी गईं. इसमें केक कटिंग से लेकर वीडियो क्लिप का प्रदर्शन, एकल और युगल गीत, शानदार नृत्य तथा विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन शामिल था. इन सभी गतिविधियों में अस्पताल के चिकित्सकों, स्टाफ सदस्यों और नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई. कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और विजेताओं को उपहार बांटे गए. इसके बाद डॉ. अजय शुक्ला ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और जलपान के साथ इस गरिमामय आयोजन का समापन हुआ.

1995 से अनवरत जारी है स्वास्थ्य सेवाओं का सफर

आपको बता दें कि साल 1995 में स्थापित फातिमा अस्पताल लगातार बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहा है. अस्पताल की सेवाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY), भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), पूर्वोत्तर रेलवे, एचएएल, एनटीपीसी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) गोरखपुर और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष, उत्तर प्रदेश आदि से संबद्ध (इम्पैनल्ड) हैं. यहां मरीजों के लिए 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ब्लड बैंक, फार्मेसी, सीटी स्कैन और अत्याधुनिक एंबुलेंस की सुविधा हर समय उपलब्ध रहती है.

गौरव का पल: डीडीयू को मिला 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' सम्मान, प्रो. विनय भी हुए सम्मानित

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय को 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड' की ओर से 'सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन' से नवाजा गया है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विनय कुमार सिंह को 'नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड' से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) के राष्ट्रव्यापी अभियान 'संवेदना-2' में बेहतरीन योगदान के लिए दिया गया है.

लखनऊ में सजे मंच पर मिला सम्मान

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'संवेदना-2' सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए रक्तवीरों, समाजसेवियों और संस्थाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया. इस खास मौके पर मानवता की सच्ची सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए बेहतरीन कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को 'नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड' और 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड' सम्मान प्रदान किए गए.

गोरखपुर न्यूज: 1,055 शिविरों में डीडीयू की सहभागिता

गौरतलब है कि 'संवेदना-2' अभियान के तहत पूरे देश भर में 1,055 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया था. इस महाभियान में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सक्रिय सहभागिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है. आपको बता दें कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान अमर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 94वें शहादत दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशप्रेम और समाज सेवा की भावना जगाना था.

कुलपति ने दी बधाई, कहा- यह सेवा भाव का प्रतीक

विश्वविद्यालय को मिली इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा, "यह सम्मान दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता और सेवा-भाव का प्रतीक है. रक्तदान जैसा महादान समाज के लिए जीवनदायी है और विश्वविद्यालय सदैव ऐसे जनकल्याणकारी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा. मैं इस अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई देती हूं."

डिजिटल शुभकामनाएं: क्या केवल कल्पना बनकर रह गए हैं 'गुड मॉर्निंग' मैसेज?


डिजिटल युग में अपनों को याद करने और उनकी खैर-कुशल पूछने के तौर-तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं. आज सुबह होते ही मोबाइल स्क्रीन रंग-बिरंगे फूलों, प्राकृतिक दृश्यों और तरह-तरह के संदेशों से भर जाती है. संकेत की भाषा में हाथ जोड़कर नमस्ते करना, 'जय राम जी की' कहना या फिर खूबसूरत तस्वीरों के साथ 'सुप्रभात' भेजना अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. इन सभी संदेशों का केंद्रीय भाव एक ही होता है कि हम अपने प्रियजनों के अच्छे दिनों की कामना करते हैं और उनके लिए दुआएं मांगते हैं. ये चित्र और संदेश हमारी भावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम बनते हैं. लेकिन, आज इस तरह की शुभकामनाओं के पीछे छिपे गहरे अर्थ और उनकी वास्तविकता पर चर्चा करना बेहद जरूरी लगता है. अक्सर ऐसे संदेशों में कुछ ऐसी तस्वीरें और कल्पनाएं होती हैं, जो सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि इन्हें भेजने वाले और बनाने वाले की असली मंशा क्या है. क्या यह सिर्फ एक औपचारिकता है या इसके पीछे कोई वास्तविक सरोकार भी छिपा हुआ है.

कटे तने पर फूल खिलाने की अजीब कल्पना

अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश आते हैं जिनमें किसी पुराने, सूखे या पूरी तरह से कट चुके पेड़ के तने पर रंग-बिरंगे फूल खिले हुए दिखाई देते हैं. ऐसे में किसी भी संवेदनशील और तार्किक व्यक्ति के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इसका क्या मतलब होगा. इस तरह के संदेश को तैयार करने वाला और इसे आगे प्रेषित करने वाला आखिर क्या कहना चाहता है. क्या कोई भी व्यक्ति असल जिंदगी में किसी कटे हुए तने या सूखे ठूंठ पर रंग-बिरंगे फूलों के उगने की कल्पना कर सकता है. कल्पना के स्तर पर तो यह सब कुछ संभव है और यह बहुत सुंदर भी लग सकता है, लेकिन ऐसी कल्पना का क्या फायदा जो सिर्फ और सिर्फ एक कोरी समीक्षा या दिखावा व्यक्त करती हो. हकीकत की जिंदगी से जिसका दूर-दूर तक कोई नाता न हो, वैसी शुभकामनाओं को भेजने का क्या औचित्य है.

हकीकत से दूर होती जा रही हैं हमारी रोज की जिंदगी 

जब हम रोज सुबह इन संदेशों को देखते हैं, तो देखते-देखते और सोचते-सोचते मन में यह विचार आने लगता है कि क्या हमारी भावनाएं भी इन नकली और कटे हुए पेड़ों की तरह तो नहीं होती जा रही हैं. मुझे लगता है कि मेरे जैसे तमाम और भी लोगों को अक्सर यह महसूस होता होगा कि ऐसी सद्भावनाओं और कल्पनाओं का आखिर वास्तविक जीवन में क्या मतलब रह जाता है. यदि ये संदेश केवल एक क्लिक के जरिए बिना किसी गहरी भावना के भेजे जा रहे हैं, तो इनका प्रभाव शून्य हो जाता है. इनमें छिपी कृत्रिमता साफ तौर पर दिखाई देने लगती है जो इंसानी रिश्तों की गर्माहट को कम करती है.

दिखावे की जगह वास्तविक जुड़ाव पर विचार करना जरूरी

अगर आप इस बात से पूरी तरह सहमत हैं, तो आपको भी इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. कोशिश यह होनी चाहिए कि हमारी शुभकामनाओं और हमारे कर्मों के बीच कोई न कोई सीधा नाता जरूर बने. केवल डिजिटल माध्यमों पर असंभव और कृत्रिम दृश्यों को साझा करने के बजाय, हमें हकीकत की जिंदगी में अपनों से जुड़ना चाहिए. जब तक हमारी सद्भावनाएं वास्तविक धरातल पर नहीं उतरेंगी, तब तक इन सुबह के संदेशों का कोई वास्तविक मूल्य नहीं रह जाएगा. इसलिए जरूरी है कि हम दिखावे की इस दुनिया से बाहर निकलें और रिश्तों में असली संवाद स्थापित करें.

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